प्र : लिथियम क्या है ?

Ø  लिथियम एक मूड स्टेबलाइजर दवा है, जिसका उपयोग कई मानसिक रोगों जैसे द्विध्रुवी विकार (अवसाद-उन्माद), अवसाद और कुछ व्यक्तित्व विकार आदि के ईलाज में किया जाता है. लीथियम सबसे पुराना और एक प्रभावशाली मूड स्टेबलाइजर है.


प्र: लिथियम से सम्बंधित हमें किन बातों का ज्ञान होना चाहिए :

Ø  लिथियम की दूसरे दवाओं से प्रतिक्रिया होती है, इसीलिए दूसरी दवाइयाँ लेने से पहले ये जानना जरुरी है की क्या ये दवाइयाँ लिथियम के साथ-साथ लेना सुरक्षित है.

Ø  लिथियम तभी असरदार होता है, जब इसका स्तर ब्लड में एक खास सीमा (रेंज) में रहता है. इसका स्तर इस सीमा से कम होने पर इसका असर नहीं होता और ज्यादा होने पर गंभीर दुष्प्रभाव होने का खतरा (रिस्क) रहता है. 

Ø  कोइ भी नया ईलाज कराने से पहले डॉक्टर को ये बताना जरूरी है कि वो लिथियम ले रहे हैं ताकि वो आपको ऐसी दवा लिख सकें जिसका असर लिथियम के स्तर पर कम से कम हो.

Ø  कोई भी दवा खुद से ना लें. साधारण दवाएँ जैसे पेरासिटामोल या ब्रुफेन भी लिथियम का स्तर बढाकर गंभीर दुष्प्रभाव (साइड-इफेक्ट) पैदा कर सकती है.

Ø  लिथियम का स्तर बढ़ाने वाली दवाईयाँ : दर्दनाशक दवाएँ, एंटीबायोटिक, ब्लडप्रेशर और हृदयरोग की दवाएँ.

           नमक की मात्रा घटाने और शरीर में पानी की कमी की अवस्थाओं में भी लिथियम का स्तर बढ़ सकता है.

Ø  लिथियम का स्तर कम करने वाली दवाईयाँ : एसिडिटी-गैस और दमा की दवाएँ, चाय-कॉफी, शराब.

Ø  लिथियम खा रही महिलाओं में गर्भनिरोधक दवाएँ (पिल्स) उतनी प्रभावकारी नहीं होती इसीलिए उन्हें दूसरे उपायों का भी सहारा लेना चाहिए.


प्र: हम कैसे लिथियम स्तर की जाँच करा सकते हैं और इसे नियंत्रण में रख सकते हैं ?

Ø  मनोचिकित्सक लिथियम स्तर की जाँच समय-समय पर करवाते हैं, जिसका पूरी तरह अनुसरण करना चाहिए.

Ø  लिथियम खा रहे व्यक्ति को ज्यदा पानी (तरल पदार्थ) लेना चाहिए और नमक की मात्रा एक समान रखनी चाहिए.

Ø  लिथियम की दवा का एक ही ब्रांड और फोर्मुलेसन हमेशा लेना चाहिए, क्योंकि अलग-अलग ब्रांड में लिथियम की मात्रा अलग हो सकती है.


प्र : लिथियम के क्या-क्या दुष्प्रभाव (साइड-इफेक्ट) है  :

सामान्य दुष्प्रभाव : हाथ में कंपन, ज्यादा प्यास, थकान, मुहाँसे.

कम सामान्य : किडनी, ह्रदय, त्वचा, बाल और आंत पर होने वाले दुष्प्रभाव.


प्र : हम कैसे जान सकते हैं की  लिथियम लेवल सुरक्षित स्तर से ज्यादा हो गया है ?

Ø  जब आप लिथियम दवा पर हैं उस समय यदि आप नीचे लिखी चीजों को अनुभव करते हैं जैसे ;

 ज्यादा कंपन, चलने में लड़खड़ाहट, माँसपेशियों में खिंचाव, मतली, उल्टी, दस्त, पेट-दर्द आदि .....

 तो आपके शरीर में लिथियम की मात्रा ज्यादा हो सकती है. 

आपको लिथियम खाना बंद करके तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए अन्यथा ये अवस्था मिर्गी, वेहोशी तक जा सकती है और अंततः मृत्यु तक हो सकती है.


Q : मैं गर्भवती होना चाह रही हूँ. क्या मैं लिथियम ले सकती हूँ?

Ø  अच्छा यही रहेगा की आप लिथियम ना लें. गर्भवती होने से पहले अपने डॉक्टर से इस बारे में जरूर बात करें. लिथियम ले रही माताओं के बच्चों में ह्रदय से सम्बंधित एक खास बीमारी होने की संभावना रहती है. ज्यादा जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से बात करें.


प्र : इतनी सारी समस्याओं के साथ क्या लिथियम लेना उचित है ?

Ø  लिथियम द्विध्रुबी विकार वाले रोगियों के लिए एक बहुत ही अच्छी और प्रभावशाली दवा है. यदि डॉक्टर, रोगी और परिजन एक साथ मिल कर काम करें तों ये एक बहुत ही अच्छी दवा सावित हो सकती है.